Mantra Method
सर्वप्रथम गुरु जी से मंत्र सिद्ध यंत्र तथा माला प्राप्त करनी चाहिए|
तथा मंत्र का निर्णय तथा आशीर्वाद लेना आवश्यक होता है|
मंत्र साधना:
दिन शुभ साधक स्नान कर ले अगर नही भी कर सको तो हाथ-मुहँ अच्छी तरह धौकर, धुले वस्त्र पहनकर, रात मे ठीक 9/10 बजे के बाद साधना शुरु करें। कुछ साधनायें ब्रह्म मुहर्त मे भी कर सकते हैं|
रोज़ दिन मे एक बार स्नान करना जरुरी है। मंत्र जाप मे कम्बल का आसन रखे और स्त्री कन्या के प्रति सम्मान आदर होना चाहिए। देवी देवता , गुरु, धार्मिक ग्रंथो और विधि मे पुर्ण विश्वास होना चाहिए, नहीं तो सफलत होना मुश्किल हैं।
अविश्वास का साधना मे कोई स्थान तो होता ही नही है।
साधना का समय एक ही रखने की कोशिश करनी चाहिए।
शुभ मुहूर्त मे साधना शुरू करनी चाहिए|
पूर्व दक्षिण दिशा मे मुख रखें|
एक स्टील की साफ प्लेट मे सारी सामग्री यंत्र रख ले।
साधना करते समय और मंत्र जप करते समय जमीन को स्पर्श नही करते। माला को लाल या किसी अन्य रंग के कपडे से ढककर ही मंत्र जप करे या गौमुखी खरीदे ले। मंत्र जप को अगुँठा और माध्यमा से ही करे । मंत्र जपते समय माला मे जो अलग से एक दान लगा होता हैं उसको लांघना नहीं है मतलब जम्प नहीं करना हैं। जब दुसरी माला शुरु हो तो माला के आखिए दाने/मनके को पहला दान मानकर जप करें, इसके लिए आपको माला को अंत मे पलटना होगा।
इस क्रिया का बैठकर पहले से अभ्यास कर लें। पूजा सामग्री:- सिन्दुर, चावल, गुलाब पुष्प, चौकी, नैवैध, पीला आसन, धोती या कुर्ता पेजामा, जल पात्र मे जल, चम्मच, एक स्टील की थाली, मोली/कलावा, अगरबत्ती,एक साफ कपडा बीच बीच मे हाथ पोछने के लिए, देशी घी का दीपक, (चन्दन, केशर, कुम्कुम, अष्टगन्ध यह सभी तिलक के लिए))
विधि : पूजन के लिए स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ-सुथरे आसन पर पूर्व या उत्तर दिशा में मुंह करके बैठ जाएं। पूजन सामग्री अपने पास रख लें। बायें हाथ मे जल लेकर, उसे दाहिने हाथ से ढ़क लें। मंत्रोच्चारण के साथ जल को सिर, शरीर और पूजन सामग्री पर छिड़क लें या पुष्प से अपने को जल से छिडके।
पूर्व /उतर मुख आसन पर बैठ कर धूप दीप प्रज्वलित करें|
—— ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा। यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥
—— (निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए शिखा/चोटी को गांठ लगाये / स्पर्श करे) ॐ चिद्रूपिणि महामाये! दिव्यतेजःसमन्विते। तिष्ठ देवि! शिखामध्ये तेजोवृद्धिं कुरुष्व मे॥
—— (अपने माथे पर कुंकुम या चन्दन का तिलक करें) ॐ चन्दनस्य महत्पुण्यं, पवित्रं पापनाशनम्। आपदां हरते नित्यं, लक्ष्मीस्तिष्ठति सर्वदा॥
—— (अपने सीधे हाथ से आसन का कोना जल/कुम्कुम थोडा डाल दे) और कहे ॐ पृथ्वी! त्वया धृता लोका देवि! त्वं विष्णुना धृता। त्वं च धारय मां देवि! पवित्रं कुरु चासनम्॥
—— संकल्प:- दाहिने हाथ मे जल ले। मैं ……..अमुक……… गोत्र मे जन्मा,………………. यहाँ आपके पिता का नाम………. ……… का पुत्र ………………………..यहाँ आपका नाम…………………, निवासी…………………..आपका पता………………………. आज सभी देवी-देव्ताओं को साक्षी मानते हुए देवी (अमुक) की पुजा, गण्पति और गुरु जी की पुजा देवी /देवता के साक्षात दर्शन या (अमुक) अभिलाषा प्राप्ति के लिए कर रहा हूँ जिससे देवी / देवता प्रसन्न होकर दर्शन दे और इच्छा पुर्ति मे सहायक बन कर साथ ही साथ मुझे प्रेम, धन धान्य और सुख प्रदान करें। जल और सामग्री को छोड़ दें|
गणपति का पूजन करें।
ॐ गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात पर ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ ॐ श्री गुरु चरणकमलेभ्यो नमः। ॐ श्री गुरवे नमः।
आवाहयामि, स्थापयामि, ध्यायामि।
1- ॐ गं गणपतये नमः||
2- ॐ ह्रीं गुरुवे नमः|
3- ॐ नमःशिवाय ||
गुरु पुजन कर लें कम से कम गुरु मंत्र की चार माला करें या जैसा आपके गुरु का आदेश हो।
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्रयंबके गौरी नारायणि नमोअस्तुते ॐ श्री गायत्र्यै नमः।
ॐ सिद्धि बुद्धिसहिताय श्रीमन्महागणाधिपतये नमः।
ॐ लक्ष्मीनारायणाभ्यां नमः। ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः।
ॐ वाणीहिरण्यगर्भाभ्यां नमः। ॐ शचीपुरन्दराभ्यां नमः।
ॐ सर्वेभ्यो देवेभ्यो नमः। ॐ सर्वेभ्यो ब्राह्मणेभ्यो नमः।
ॐ भ्रं भैरवाय नमः
—— अब देवी / देवता का ध्यान करें और उन की ऊर्जा आपकी तरफ आकर्षित होने लगी हैं।
फिर नीचे मुख्य मंत्र।
21 दिन जाप करें। ५१ माला।
Mantra method English
How To Perform Mantra meditation
Normally, the ritual is initiated on any Monday early morning are night.
Inaugurate this Sadhana after 10 pm.
Before beginning the mantra arrange mantra energized yantra mala.
Then at 10 o’clock in the night, spread a cloth on a wooden seat, apply fragranse
perfume on that cloth, form a hexagon with Ashtagandha, install yantra in clean plate.
Lit a lamp there as well. And lit some fragrant incense sticks and some flowers in front of yantra
and chant the following mantra 2100 times for 11 /21 days.
Mantra
- आनंद वृद्धिनी काली मंत्र साधनाआनंदा वर्धिनी काली आनंद वर्धिनी काली की उत्पत्ति कथा आनंद का अर्थ आनंद और पंचकोश आनंद और आवरणा पूजन आनंद वर्धिनी काली सर्वोच्च देवी हैं जो प्रत्येक प्राणी में आनंद के रूप में निवास करती हैं। स्वयं परमानंद की … Continue reading आनंद वृद्धिनी काली मंत्र साधना
- काम कला काली पूजन मंत्र बलि॥ अथ कामकलाकालि पूजाऽर्चा विधानम् ॥ बलि विधान शिव बलि पूर्वोक्त ध्यान मन्त्रों से देवी का आवाहन कर षोडशोपचार से पूजन कर बलि प्रदान करें । आवाहन – ॐ ह्रीं क्लीं आं कामकलाकालि देवि आगच्छ आगच्छ तिष्ठ तिष्ठ पूजां … Continue reading काम कला काली पूजन मंत्र बलि
- महाकाली नित्यास मंत्र साधना खडगमालामहाकाली खडगमाला साधनाइस महाकाली खडगमाला साधना से पुत्र हीन को पुत्र, धनहीन को धन की प्राप्ति होती है। वह धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष चारों का अधिकारी होकर दूसरों को वर प्रदान करने वाला बन जाता है। आकर्षण शक्ति बढ जाती है। क्रोध … Continue reading महाकाली नित्यास मंत्र साधना खडगमाला
- कामकला काली साधनाKaamKala Mahakali काम कला काली गुप्त साधना – गुप्त काली मंत्र काम तंत्र साधना – ऊध्वमागे एवं कामख्या मार्गकाम तंत्र साधना के विषय में तंत्र के इन मार्गों में कहा गया है कि सृष्टि की प्रथम उत्पत्ति योनि रूपा … Continue reading कामकला काली साधना
- महाकाली साधनाकाली मंत्र काली मंत्र: अर्थ, महत्व और लाभ देवी काली पृथ्वी की दिव्य रक्षक हैं, जिन्हें हिंदू धर्म में कालिका के नाम से जाना जाता है। लेकिन देवी की विनाशकारी शक्ति के कारण उन्हें काली माता के नाम से … Continue reading महाकाली साधना
- भद्रकाली मंत्र साधनादेवी भद्रकाली का पूजन मंत्र साधना वामन व ब्रह्म पुराण में कुरुक्षेत्र स्थित चार कूपों का वर्णन है। जिसमें चंद्रकूप, विष्णुकूप, रुद्रकूप व देवीकूप हैं। यही देवीकूप मां भद्रकाली की शक्तिपीठ है। शिव पुराण के अनुसार देवीकूप भद्रकाली शक्तिपीठ … Continue reading भद्रकाली मंत्र साधना
- काली महाकाली videoमहाकाली सनातन हिन्दू शिव शिव धर्म की देवी जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की प्रमुख शक्ति हैं। यह सुन्दरी रूप वाली भगवती दुर्गा का काला और शक्तिशाली रूप है, जिसकी उत्पत्ति राक्षसों असुरों को नष्ट करने, दुष्ट प्रवृतियों को नाश कऱ … Continue reading काली महाकाली video
- महाकाली के रुप व वीडियोमहाकाली काली की गुप्त शक्ति Maha kali shakti 1 – kerkasni ( kam krodh nasht)2- shushakkanta (Heart atma )3- samaye trasani ( samaye dosh ko theek karti hai)4-Guhevedni (purv janam ke dosh katati haiकाली की गुप्त शक्ति Kerkesni शुष्क … Continue reading महाकाली के रुप व वीडियो
- महाकाली मंत्र साधनामहाकाली मंत्र काली Maha Kali Tantra मंत्रकाली मां दुर्गा का ही एक स्वरुप है। मां दुर्गा के इस महाकाली स्वरुप को देवी के सभी रुपों में सबसे शक्तिशाली माना जाता है। दसमहाविद्याओं में काली का पहला स्थान माना जाता … Continue reading महाकाली मंत्र साधना
- महाकाली वशीकरण मंत्रमाँ काली वशीकरण प्रयोगः मां काली के शक्तिशाली मंत्र: ओम ह्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं अमुकं वश्यं कुरु कुरु स्वाहा का कुल सवा लाख जाप कुल 11 दिनों में पूरा किया जाता है। जाप की शुरुआत शुक्ल पक्ष की द्वितीया … Continue reading महाकाली वशीकरण मंत्र
- महाकाली हवन यज्ञमहाकाली हवन यज्ञ ग्यारह दिनों के बाद मन्त्रों का जाप करने के बाद दिए गये मन्त्र जिसका आपने जाप किया हैं उस मन्त्र का दशांश ( 10% भाग ) हवन अवश्य करें ! हवन में छोटी काली मिर्च, पांच … Continue reading महाकाली हवन यज्ञ
- महाकाली कवचम् ओर आरतीमहाकाली तंत्र मंत्र साधना रूद्रयामल तन्त्रोक्तं कालिका कवचम् विनियोग ॐ अस्य श्री कालिका कवचस्य भैरव ऋषिः, अनुष्टुप छंदः, श्री कालिका देवता, शत्रुसंहारार्थ जपे विनियोगः । ध्यानम् ध्यायेत् कालीं महामायां त्रिनेत्रां बहुरूपिणीं। चतुर्भुजां ललज्जिह्वां पूर्णचन्द्रनिभाननां।। नीलोत्पलदलश्यामां शत्रुसंघविदारिणीं। नरमुण्डं तथा खड्गं … Continue reading महाकाली कवचम् ओर आरती
- महाकाली तंत्र साधना वीडियोMahaKali Mantra Yogini Mantra Sadhana 10 MahaVidhya Hawan Online Service 10 महाविधा हवन सर्विस 🔥










