महाकाली वशीकरण मंत्र

माँ काली वशीकरण प्रयोगः मां काली के शक्तिशाली

मंत्र:

ओम ह्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं अमुकं वश्यं कुरु कुरु स्वाहा

का कुल सवा लाख जाप कुल 11 दिनों में पूरा किया जाता है। जाप की शुरुआत शुक्ल पक्ष की द्वितीया के दिन से की जाती है तथा इसके लिए उपयुक्त समय प्रातः छह से सात बजे की बीच होना चाहिए। जाप संबंधी अनुष्ठान के लिए श्वेत वस्त्र का आसन लगाया जाता है तथा

जाप मुंगे /मोती माला व यंत्र सामने रक्ख कर किया जाना चाहिए।
अंतिम दिन दशांश हवन से साधना की पूर्णहुति होती है। उसके बाद मंत्र को किसी सफेद कागज के वर्गाकार टुकड़े पर लिखकर उसे यंत्र का रूप दे दिया जाता है। मंत्र में अमुकं की जगह वशीकरण किए जाने वाले व्यक्ति का नाम लिखकर उसे घी के बर्तन में डुबा दिया जाता है। जब तक वह घी में डूबा रहता है तब तक उस व्यक्ति पर वशीकरण का प्रभाव बना रहता है।

सरल वशीकरण प्रयोगः किसी व्यक्ति को अपने वश में करने के लिए मां काली की उपासना का फल मिलने वाला एक सरल वशीकरण उपाय है, जिसका प्रयोग कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि को करना चाहिए। इस दिन मंगलवार हो तब और भी अच्छा है। इस सरल उपाय के लिए केवल कत्था लगा पान का पत्ता उपयोगी वस्तु है। जिस किसी व्यक्ति का वशीकरण किया जाना है उसका नाम लेकर निम्न मंत्र का जाप 100008 बार जाप कर के पहले सिद्ध कर लें ।

माँ काली मंत्रः

ओम ह्रीं क्लीं अमुकी क्लेदय क्लेदय आकर्षय आकर्षय,मथ मथ पच पच द्रावय द्रावय मम सन्निधि आनय आनय,हुं हुं ऐं ऐं श्रीं श्रीं स्वाहा।

इसमें अमुक के स्थान पर वशीकरण किए जाने वाले का नाम लिया जाना चाहिए। अंत में पान पर तीन फूंक मार दिया जाता है। इस तरह से अभिमंत्रित पान को मुंह में डालकर धीरे-धीरे चबाते हुए तब तक मंत्र का जाप पुनः किया जाता है, जब तक कि पान पूरी तरह से मुंह में घुल न जाए। उसके बाद थोड़ा पानी पीकर एक अन्य मंत्र का 108 बार जाप किया जाता है। वह मंत्र है—

क्लीं क्रीं हुं क्रों स्फ्रों कामकलाकाली स्फ्रों क्रों क्लीं स्वाहा।।

यह साधना बहुत ही चमत्कारी प्रभाव देती है तथा इसके लिए किसी भी तरह के माला की जरूरत नहीं होती है, लेकिन इसके प्रयोग के समय स्नान के बाद धुले हुए कपड़े पहने जाने चाहिए तथा आसपास के माहौल में शांति होनी चाहिए।


Leave a comment